जब लोग अपनी क्रेडिट हिस्ट्री जांचते हैं, तो आमतौर पर वे केवल अपना सिबिल स्कोर देखते हैं। लेकिन सिबिल रिपोर्ट में एक ऐसी स्थिति भी होती है, जिसे कई ऋणदाता बहुत गंभीरता से लेते हैं। इसे LSS कहा जाता है, यानी ऋणदाता द्वारा समझौता-निपटान की स्थिति।
यदि कभी आपने किसी ऋण या क्रेडिट कार्ड का बकाया पूरी रकम से कम देकर “समझौता करके निपटाया” है, तो वही बात आपकी रिपोर्ट में LSS के रूप में दिखाई दे सकती है। यह स्थिति भविष्य में नया ऋण लेना, क्रेडिट कार्ड पाना, या कम ब्याज दर पाना कठिन बना सकती है।
सिबिल में LSS का अर्थ क्या होता है
LSS का मतलब है कि उधारकर्ता और ऋणदाता ने मिलकर खाते का निपटान पूरे बकाया से कम रकम में कर दिया। यानी ऋणदाता ने कुछ रकम छोड़ दी और आपके द्वारा दी गई कम रकम को अंतिम भुगतान मानकर खाता निपटा दिया।
ऐसी स्थिति में खाता आपकी रिपोर्ट में सामान्य “क्लोज्ड” (पूरा चुकाया हुआ और समाप्त) की तरह नहीं दिखता, बल्कि “सेटल्ड” (समझौता-निपटान) वाली स्थिति में दर्ज हो सकता है।
LSS क्यों महत्वपूर्ण है
ऋणदाता केवल साख अंक नहीं देखते। वे सिबिल रिपोर्ट में दर्ज खाता-स्थिति और टिप्पणी भी देखते हैं।
LSS यह संकेत देता है कि
- मूल शर्तों के अनुसार पूरा भुगतान नहीं हुआ
- खाते का निपटान विशेष समझौते से हुआ
- उधारकर्ता को बकाया चुकाने के लिए रियायत की जरूरत पड़ी
इसी वजह से कई ऋणदाता LSS को जोखिम संकेत मानते हैं और नया ऋण देने में सतर्क हो जाते हैं।
सिबिल में LSS बनता कैसे है
यह कोई अलग “अंक” नहीं है। यह आपकी सिबिल रिपोर्ट में दिखाई देने वाली स्थिति सूचना है, जो ऋणदाता के दिए गए विवरण के आधार पर दर्ज होती है।
आम तौर पर क्रम इस तरह होता है
- किसी ऋण या क्रेडिट कार्ड के बकाया में भुगतान रुक जाता है या बकाया बढ़ जाता है
- ऋणदाता आपके साथ एक कम रकम में निपटान का प्रस्ताव तय करता है
- तय रकम जमा होने के बाद ऋणदाता खाते को समझौता-निपटान की स्थिति में दर्ज कर देता है
- वही स्थिति सिबिल रिपोर्ट में खाता-जानकारी के खंड में दिखाई देने लगती है
LSS और “पूरा भुगतान करके खाता समाप्त” में फर्क
सिबिल रिपोर्ट के नजरिये से यह फर्क बहुत बड़ा है
पूरा भुगतान करके खाता समाप्त
- आपने तय शर्तों के अनुसार पूरा बकाया चुका दिया
- खाता साफ तरीके से समाप्त माना जाता है
समझौता-निपटान (LSS)
- आपने पूरे बकाया से कम रकम देकर मामला निपटाया
- रिपोर्ट में यह बात अलग तरीके से दिखती है और ऋणदाता इसे नकारात्मक घटना मान सकते हैं
LSS आपके साख अंक को कैसे प्रभावित करता है
1. साख अंक में गिरावट हो सकती है
समझौता-निपटान होने पर साख अंक में सामान्यतः बड़ी गिरावट देखी जा सकती है। कई जगह यह गिरावट लगभग ७५ से १५० अंकों तक बताई जाती है, हालांकि यह आपकी पूरी रिपोर्ट, पुराने भुगतान इतिहास और खाते के प्रकार पर निर्भर करती है।
2. रिपोर्ट में टिप्पणी लंबे समय तक दिख सकती है
समझौता-निपटान की टिप्पणी सामान्यतः आपकी सिबिल रिपोर्ट में लगभग ७ वर्ष तक दिखाई दे सकती है।
3. नया ऋण या क्रेडिट कार्ड मिलना कठिन हो सकता है
कई ऋणदाता “समझौता-निपटान” वाली स्थिति देखकर
- आवेदन अस्वीकार कर सकते हैं
- ऊंची ब्याज दर दे सकते हैं
- अतिरिक्त जमानत, सह-आवेदक या कठोर शर्तें लगा सकते हैं
LSS दिखे तो क्या करें
यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपके मामले में LSS सही है या गलती से दर्ज हुआ है। दोनों स्थितियों के लिए कदम अलग हैं।
स्थिति १: LSS सही है और आप उसे सुधारना चाहते हैं
कदम 1: ऋणदाता से लिखित रूप में बात करें
- जिस बैंक या संस्था ने खाते को समझौता-निपटान दिखाया है, उनसे संपर्क करें
- पूछें कि क्या आप शेष बकाया चुका कर खाते की स्थिति “पूरा चुकाया हुआ” करवा सकते हैं
कदम 2: यदि संभव हो तो शेष बकाया चुका दें
- अगर ऋणदाता सहमत हो, तो शेष रकम जमा कर दें
- भुगतान की रसीदें सुरक्षित रखें
कदम 3: नो ड्यूज सर्टिफिकेट (NDC) और नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लें
- ऋणदाता से प्रमाणपत्र लें कि आपके ऊपर अब कोई बकाया नहीं है
- यह दस्तावेज रिपोर्ट सुधार में बहुत काम आता है
कदम 4: सिबिल में सुधार का अनुरोध दर्ज करें
- सिबिल की वेबसाइट पर जाकर रिपोर्ट सुधार अनुरोध दें
- भुगतान प्रमाण और प्रमाणपत्र संलग्न करें
- सिबिल ऋणदाता से पुष्टि करके रिपोर्ट में स्थिति बदल सकता है
कदम 5: रिपोर्ट पर नजर रखें
सिबिल की ओर से ऋणदाता से पुष्टि होने पर कई मामलों में करीब ३० दिनों में स्थिति बदली गई है, लेकिन समय ऋणदाता की पुष्टि पर निर्भर करता है।
स्थिति २: LSS गलत दर्ज हो गया है
कभी कभी
- खाता पूरा चुकाया हुआ होता है, फिर भी समझौता-निपटान दिख जाता है
- किसी पुराने खाते की जानकारी गलत जुड़ जाती है
- ऋणदाता ने स्थिति अद्यतन नहीं भेजी
ऐसी स्थिति में यह करें
- ऋणदाता से लिखित पुष्टि लें कि खाता पूरा चुकाया जा चुका है
- शून्य बकाया प्रमाणपत्र और अनापत्ति प्रमाणपत्र लें
- सिबिल में आपत्ति दर्ज करें और दस्तावेज संलग्न करें
LSS के बाद साख अंक फिर से कैसे मजबूत करें
LSS वाली प्रविष्टि के साथ भी आप अपनी साख को धीरे धीरे बेहतर कर सकते हैं। इसके लिए आपको लगातार कुछ काम करने होते हैं।
1. हर किस्त और हर बिल समय पर चुकाएं
समय पर भुगतान सबसे बड़ा भरोसा बनाता है। यह आपके नए भुगतान इतिहास को मजबूत करता है।
2. उधार सीमा का उपयोग सीमित रखें
यदि आपके पास क्रेडिट कार्ड या अन्य उधार सीमा है, तो कोशिश करें कि उपयोग कुल उपलब्ध सीमा के ३० प्रतिशत से कम रहे।
3. बार बार नए ऋण के लिए आवेदन न करें
हर बार आवेदन पर रिपोर्ट में नई जांच दर्ज हो सकती है, जो साख पर दबाव बनाती है। इसलिए केवल जरूरत होने पर ही आवेदन करें।
4. सिक्योर्ड लोन से साख को धीरे-धीरे सुधारें
यदि आपके पास विकल्प हो, तो फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के आधार पर सिक्योर्ड लोन लेकर समय पर भुगतान दिखाना आपकी साख सुधारने में मदद कर सकता है।
5. अपनी सिबिल रिपोर्ट नियमित जांचें
- खाता स्थिति सही दिख रही है या नहीं
- कोई गलत बकाया तो नहीं दिख रहा
- कोई अनजान खाता तो नहीं जुड़ गया
यह आदत आपको भविष्य के नुकसान से बचाती है।
LSS को लेकर सामान्य गलतफहमियां
गलतफहमी 1: समझौता-निपटान का मतलब है कि ऋण पूरा चुक गया
सच यह है कि समझौता-निपटान का मतलब होता है कि पूरी रकम नहीं चुकाई गई, बल्कि कम रकम में निपटान हुआ।
गलतफहमी 2: साख अंक अच्छा हो जाए तो समझौता-निपटान की प्रविष्टि बेअसर हो जाती है
ऋणदाता अक्सर अंक और रिपोर्ट दोनों देखते हैं। रिपोर्ट में समझौता-निपटान दिखने पर अच्छा अंक होने के बावजूद भी दिक्कत आ सकती है।
गलतफहमी 3: यह प्रविष्टि अपने आप जल्दी हट जाती है
आम तौर पर यह टिप्पणी कई वर्षों तक दिखाई दे सकती है।
गलतफहमी 4: इसे सुधारने का कोई तरीका नहीं
यदि आप शेष बकाया चुका दें और दस्तावेज देकर रिपोर्ट सुधार का अनुरोध करें, तो स्थिति बदली जा सकती है, बशर्ते ऋणदाता पुष्टि कर दे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- सिबिल में LSS क्या है और यह साख अंक से कैसे अलग है
LSS एक स्थिति सूचना है, जो बताती है कि खाता पूरे बकाया से कम रकम में समझौता करके निपटाया गया। साख अंक ३०० से ९०० के बीच एक संख्या है, जो आपकी कुल ऋण साख का संकेत देती है।
- मैं अपनी सिबिल रिपोर्ट में LSS कैसे पहचानूं
सिबिल रिपोर्ट के खाता जानकारी वाले खंड में जिस खाते की स्थिति “पूरा चुकाया हुआ” की जगह “समझौता-निपटान” जैसी दिखाई दे, वही LSS का संकेत होता है।
- क्या LSS होने पर व्यक्तिगत ऋण मिलना मुश्किल हो जाता है
कई ऋणदाता इसे जोखिम संकेत मानते हैं, इसलिए ऋण स्वीकृति कठिन हो सकती है या ब्याज दर ऊंची हो सकती है।
- क्या मैं LSS की स्थिति सुधार सकता हूं
यदि ऋणदाता अनुमति दे और आप शेष बकाया चुका दें, फिर शून्य बकाया प्रमाणपत्र तथा अनापत्ति प्रमाणपत्र लेकर सिबिल में रिपोर्ट सुधार का अनुरोध करें, तो स्थिति बदली जा सकती है।